पीलीभीत। जनपद में अपराध पर शिकंजा कसने के तहत चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बीसलपुर क्षेत्र के भसूड़ा चैराहे पर उस समय हड़कंप मच गया जब बाइक सवार संदिग्धों ने पुलिस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए एक शातिर गौकश को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।घटना के अनुसार, पुलिस टीम भसूड़ा चैराहे पर सघन वाहन चेकिंग कर रही थी। तभी बिलसंडा चैराहे की ओर से आ रही एक संदिग्ध बाइक को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन बाइक सवार बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान वाजिद पुत्र नत्थू खां (36 वर्ष), निवासी मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी, बीसलपुर के रूप में हुई है। घायल अवस्था में उसे तुरंत सीएचसी बीसलपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया।यह मुठभेड़ पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है। एक ओर जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर एक शातिर अपराधी को दबोच लिया, वहीं फरार साथी की तलाश अब बड़ी चुनौती बनी हुई है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गौकशी में प्रयुक्त कई खतरनाक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें एक बाइक, 315 बोर का तमंचा (नाल में फंसा खोखा कारतूस सहित), एक अतिरिक्त खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, तीन लोहे के छुरे, एक फरसा, दो लोहे की रॉड, रस्सी का टुकड़ा, दो पैकेट काली पन्नी, एक प्लास्टिक कट्टा और एक तिरपाल शामिल हैं। यह बरामदगी इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि आरोपी संगठित रूप से गौकशी की घटनाओं को अंजाम देता था।
पूछताछ में वाजिद ने अपने साथी सगीर उर्फ गोविंदा का नाम बताया, जो मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए टीमों का गठन कर दबिश देना शुरू कर दिया है। गिरफ्तार आरोपी ने सादिया लाड़पुर और भसूड़ा नहर पुलिया के पास गौकशी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वाजिद पर बीसलपुर थाने में पहले से ही गौकशी समेत विभिन्न धाराओं में करीब 9 मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि साफ झलकती है।
क्षेत्राधिकारी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी घायल हुआ और गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार व उपकरण बरामद हुए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
