पीलीभीत। जनपद में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। असम चैकी इंचार्ज रविंद्र बालियान पर हाईवे किनारे बने होटल-ढाबों पर उत्पात मचाने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और एक युवक के साथ मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे की छवि को झकझोर कर रख दिया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चैकी इंचार्ज रविंद्र बालियान वर्दी के रौब में पूरी तरह बेकाबू नजर आ रहे हैं। वह न केवल गंदी-गंदी गालियां दे रहे हैं बल्कि एक युवक को थप्पड़ मारते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य आम जनता के बीच भय और आक्रोश दोनों पैदा कर रहा है।
घटना देर रात की बताई जा रही है, जब चैकी इंचार्ज रूपपुर कृपा गांव के पास स्थित एक ढाबे पर पहुंचे। उस समय ढाबे पर कई लोग आराम से खाना खा रहे थे, लेकिन दरोगा ने आते ही ढाबा बंद कराने का फरमान सुनाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया। बिना किसी स्पष्ट कारण के इस तरह का व्यवहार वहां मौजूद लोगों को हैरान कर गया।
इसी दौरान गांव के आटा चक्की संचालक काशीराम अपने आटे के पैसे लेने के लिए ढाबे पर पहुंचे थे। जब उन्होंने यह पूरा घटनाक्रम देखा तो उन्होंने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बस यही बात चैकी इंचार्ज को नागवार गुजरी और उन्होंने काशीराम को निशाना बनाते हुए गालियां देनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दरोगा ने काशीराम के साथ मारपीट कर दी और थप्पड़ जड़ दिए।
आरोप है कि चैकी इंचार्ज ने ढाबा संचालक पर भी दबाव बनाया कि वह काशीराम के खिलाफ बयान दे कि वही उत्पात मचा रहा था। यह पूरी घटना पुलिस की निष्पक्षता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद जनपद में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आमजन में यह सवाल उठ रहा है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो जनता किस पर भरोसा करे? सोशल मीडिया पर भी लोग तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चैकी इंचार्ज रविंद्र बालियान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुछ पुलिसकर्मी अपने अधिकारों का किस तरह दुरुपयोग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषी पर सिर्फ निलंबन तक कार्रवाई सीमित रहती है या फिर उसे कानून के तहत सख्त सजा भी मिलती है।
क्षेत्राधिकारी दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थाना सुनगढ़ी क्षेत्र असम चैकी प्रभारी रविंद्र बालियान द्वारा जनता से अभद्र व्यवहार किया जा रहा है जांच में आरोप सही पाए गए जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक रविंद्र बालियान को सस्पेंड कर दिया गया उनके विरुद्ध जांच उपरांत विभागीय कार्रवाई की जाएगी
