पीलीभीत। बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब तूल पकड़ लिया है। 12 मार्च को दिनदहाड़े प्लांट परिसर में सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया था, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ ठोस नतीजे नहीं लगने से मृतकों के परिजनों का गुस्सा अब फूट पड़ा है।
रविवार को जनपद के पूरनपुर स्थित अपने आवास पर मृतक हर्षित मिश्रा के माता-पिता ने बदायूं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस जघन्य हत्याकांड को लेकर पूरी तरह से लापरवाही बरत रही है और अब तक न तो असली आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही घटना का स्पष्ट खुलासा किया गया है।मृतक के पिता सुशील मिश्रा ने बेहद भावुक और आक्रोशित अंदाज में कहा कि उनका बेटा एक मेहनती और ईमानदार अधिकारी था, जिसकी दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस अब तक केवल कागजी कार्रवाई में उलझी हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दिलाई गई, तो वह कोतवाली के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।उन्होंने कहा, “हमारे बेटे को न्याय दिलाने के लिए हम हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। अगर प्रशासन और पुलिस हमारी बात नहीं सुनते, तो हमारे पास जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।” इस बयान के बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई है।माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद से ही पुलिस का रवैया उदासीन रहा है। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण सुराग होने के बावजूद पुलिस उन पर गंभीरता से काम नहीं कर रही है। इससे साफ लगता है कि कहीं न कहीं मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।गौरतलब है कि 12 मार्च को सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में अज्ञात हमलावरों ने घुसकर हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता को निशाना बनाया था। दोनों अधिकारियों को बेहद करीब से गोली मारी गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दुस्साहसिक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए थे।
इस हत्याकांड के बाद से ही क्षेत्रीय लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। अब जब मृतक के परिजनों ने आत्मदाह जैसी चेतावनी दी है, तो मामला और अधिक गंभीर हो गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
यह मामला अब केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और न्याय व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है। यदि समय रहते पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आक्रोश और भी बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।
