लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब क्षेत्र में प्रस्तावित नैमिष नगर योजना के अंतर्गत सर्किल रेट में असमानता के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे 10 ग्राम सभाओं के किसान उस समय आक्रोशित हो उठे जब रैथा रोड स्थित एलडीए कार्यालय पर घंटों इंतजार के बाद भी कोई उच्चाधिकारी उनका ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल ही मार्च पर निकल पड़े। कड़ी धूप के बीच किसान करीब पांच किलोमीटर पैदल चलते हुए छठा मील चैराहे तक पहुंच गए, जहां पहले से मौजूद पुलिस बल ने घेराबंदी कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक वार्ता चली, लेकिन किसान मुख्यमंत्री को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे।
बाद में मौके पर पहुंची एलडीए मजिस्ट्रेट ने किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।जिसके बाद किसान शांत हुए और वापस लौट गए।
किसानों का आरोप है कि नैमिष नगर योजना में समान प्रकृति की भूमि होने के बावजूद अलग-अलग ग्राम सभाओं के लिए अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित किए गए हैं। किसानों के अनुसार 8 ग्राम सभाओं का सर्किल रेट लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है, जबकि 10 ग्राम सभाओं के लिए मात्र 81 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समान भूमि के लिए समान मुआवजा मिलना उनका अधिकार है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सर्किल रेट में समानता स्थापित कर उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसानों ने बताया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में है तथा उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायपूर्ण निर्णय लेगी।धरना प्रदर्शन कर रहे आनंद त्रिपाठी, भानु रावत, भानु राजपूत, रामू मिश्रा,हरिओम, केके सिंह, दीपक शुक्ला तिरंगा समेत अन्य ने लखनऊ एलडीए अधिकारी को ज्ञापन दिया। इस दौरान एसीपी बीकेटी ज्ञानेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सैरपुर थाना प्रभारी मनोज कोरी मय पुलिस टीम के साथ मौजूद रहें।
