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Sonebhadra: सामूहिक विवाह के मंच पर 304 जोड़ो को सासंद "छोटेलाल खरवार" ने दिया आशीर्वाद उसके बाद अपने लोकगीत के माध्यम से फिर आये चर्चे में।

सोनभद्र। राबर्ट्सगंज में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का कार्यक्रम उस वक्त चर्चा के केंद्र में आ गया, जब अपने परंपरागत अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच संभालते ही माहौल को पूरी तरह बदल दिया।एक तरफ जहां सांसद ने लोकगीत गाकर पूरे कार्यक्रम में समां बांध दिया, वहीं दूसरी तरफ मंच से ही सत्ता पक्ष के नेताओं की गैरमौजूदगी पर तीखा सियासी हमला बोल दिया।हैरानी की बात ये रही कि जिन मंत्री, विधायकों के नाम बैनर में मुख्य अतिथि के तौर पर अंकित थे, वे कार्यक्रम में नजर ही नहीं आए, जिससे यह आयोजन अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया गया था।इस कार्यक्रम में सैकड़ों जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई जब सपा सांसद छोटेलाल खरवार मंच पर पहुंचे।अपने खास अंदाज में उन्होंने पारंपरिक विवाह गीत गाना शुरू किया और देखते ही देखते पूरा माहौल बदल गया।मंच से गूंजते लोकगीतों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बांध लिया और सांसद एक बार फिर अपने अलग अंदाज के चलते सुर्खियों में आ गए। हालांकि इस आयोजन में एक और बात ने सभी का ध्यान खींचा।कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में समाज कल्याण राज्य मंत्री, स्थानीय विधायक गण मुख्य अतिथि के रूप में दर्ज था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान इनमें से कोई भी जनप्रतिनिधि मौके पर नजर नहीं आया।यह गैरमौजूदगी पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बनी रही और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष पर सीधा निशाना साधा।उन्होंने कहा कि जनमानस से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों से जनप्रतिनिधियों का गायब रहना गंभीर सवाल खड़े करता है।साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद यही नेता जनता के बीच दिखाई नहीं देंगे।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिशा की बैठकों में भी भाजपा के विधायक और मंत्री इसी तरह अनुपस्थित रहते हैं। एक तरफ जहां सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम में लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत बना दिया, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी और उस पर हुई सियासी बयानबाजी ने इस आयोजन को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और यह सियासी तकरार आगे क्या मोड़ लेती है। इस मौके पर सीडीओ,नमामि गंगे एडियम,समाज कल्याण अधिकारी ,अल्पसख्यक अधिकारी ,सूचना अधिकारी ,जेपी केसरि ,समेत कर्मचारी गण मौजूद रहे।

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