बरखेड़ा। खुशियों और आपसी भाईचारे का प्रतीक ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को बरखेड़ा क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा।
बरखेड़ा जामा मस्जिद में इमाम मौलाना हिसामुद्दीन कारी ने ईद की नमाज अदा कराई। वहीं नगर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों व ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी सुविधा अनुसार पहुंचकर नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद के मौके पर मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और नमाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रशासन द्वारा पूर्व में शांति समिति की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहा। प्रमुख चैराहों पर पुलिस बल तैनात रहा।
रमजान के पवित्र माह के समापन और चांद के दीदार के बाद शुक्रवार को ईद की घोषणा की गई थी, जिसके बाद से ही लोगों में उत्साह बढ़ गया था। करीब एक सप्ताह पहले से ही मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम बिहारी भोजवाल द्वारा पेयजल और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था कराई गई, जिससे लोगों को काफी सुविधा मिली। नमाज में हाजी जमील अहमद अंसारी, बशीर अहमद, मो. असलम कोटेदार, सेठ मो. अनस, अकील अंसारी, नदीम अंसारी, मो. रजा अंसारी, मो. इलियास कुरैशी, इमरान अंसारी, मास्टर यामीन, रेहान अंसारी, असद कुरैशी, हाफिज इंतजार अहमद सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे दिन मुस्लिम मोहल्लों में चहल-पहल बनी रही और लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईद की खुशियां साझा कीं। पर्व के दौरान भाईचारा और सौहार्द बढ़ाने की कामना की गई।
