हाथरस। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोपरि है। उन्होंने अवशेष निर्माण कार्यों को तत्काल मानक के अनुरूप पूर्ण कर हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
इन प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
जिलाधिकारी ने जनपद की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की प्रगति जांची, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं
स्वास्थ्य एवं शिक्षारू जिला चिकित्सालय में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक, नवीन आश्रम पद्धति विद्यालय (मऊ चिरायल), कस्तूरबा गांधी विद्यालय (हसायन) में एकेडमिक ब्लॉक और सरस्वती इंटर कॉलेज में मरम्मत कार्य।
शहरी विकास व पेयजलरू तालाब चैराहा सौंदर्यीकरण, जलेसर रोड पर 133 दुकानों का व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, 24×7 वाटर सप्लाई स्कीम और नगर पंचायतों की पेयजल योजनाएं।
पर्यटन एवं आस्थारू कंचना सरोवर (मुरसान), श्री दाऊजी महाराज मंदिर (एदलपुर), हनुमान गढ़ी (गंगागढ़ी) और सिद्धपीठ परासर तपोभूमि (खिटौली) का पर्यटन विकास कार्य।
अन्यरू नवीन जिला कारागार भवन, ट्रांजिट हॉस्टल (16 यूनिट) और सासनी के नगला गढू में गो-संरक्षण केंद्र का निर्माण।
पारदर्शिता के लिए श्डेली रिपोर्टिंगश् के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए
फोटो के साथ हाजिरीरू कार्यदायी संस्थाएं प्रतिदिन साइट पर कार्यरत मजदूरों की संख्या और कार्य की फोटोग्राफ्स आधिकारिक ग्रुप पर उपलब्ध कराएं।
भौतिक सत्यापनरू हैंडओवर से पहले विभागीय अधिकारी प्रस्तावित कार्ययोजना से भौतिक मिलान अवश्य करें, ताकि बाद में कोई समस्या न आए।
समय सीमा जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल संबंधित विभाग को हस्तांतरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी भी परियोजना में तकनीकी खामी या मानक के विपरीत सामग्री का प्रयोग पाया गया, तो संबंधित संस्था के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि बजट या अन्य कोई समस्या आ रही है, तो तत्काल अवगत कराएं ताकि समय रहते समाधान हो सके।
उपस्थितिरू बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंता व कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
