पीलीभीत। जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सुलह कराने पहुंचे ग्राम प्रधान के साथ कथित रूप से पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। घटना के बाद पीड़ित ग्राम प्रधान ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत महुआ चक मुस्तकिल के प्रधान वीरबल के अनुसार, 21 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे उन्हें गजरौला थाने में दो पक्षोंकृरूपलाल और सुनील कुमारकृके बीच विवाद सुलझाने के लिए बुलाया गया था। प्रधान का कहना है कि वह दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां मौजूद दरोगा सुनील कुमार और एक अन्य सिपाही ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते हुए अपमानित किया और कहा कि वह खुद को “गवर्नर” समझते हैं, जो थाने में फैसला कराने आए हैं। जब प्रधान ने इस तरह की भाषा का विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। वीरबल का आरोप है कि उन्हें थप्पड़, लात और घूंसों से पीटा गया, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से आघात पहुंचा।
प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पक्ष से तहरीर लेकर उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया और उन्हें धारा 125, 135 और 170 के तहत चालान कर दिया। इस पूरी घटना के दौरान थाने में मौजूद लोगों के सामने उनकी सार्वजनिक रूप से बेइज्जती हुई, जिससे वह बेहद आहत हैं।पीड़ित प्रधान ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें धमकी दी गई कि उनकी प्रधानी खत्म कर दी जाएगी, जिससे वह भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित दरोगा और सिपाही के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।
.jpg)