लखनऊः छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान को प्रधानाध्यापकों का हुआ प्रशिक्षण ! मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
March 20, 2026
लखीमपुर खीरी। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य की उचित देखभाल हेतु माध्यमिक व इंटरमीडिएट स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता के निर्देश पर जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासीय राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मोतीपुर ओयल में आयोजित हुआ। जिसमें मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट स्तुति कक्कड़ द्वारा जनपद के 24 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को सेंसिटाइजेशन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ आरके कोली ने की।सीएमएस डॉ आरके कोली ने बताया कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 5 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों में हो रहे मानसिक विकारों के प्रति स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों को जागरूक करने के उद्देश्य से आज कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें 24 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया है, जिनके द्वारा बाद में अपने विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल हेतु कार्य किया जाएगा। इस दौरान मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला ने बताया कि बच्चों में भी मानसिक विकार तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं, जिससे बुद्धि विकास की प्रगति धीमी हो जाती है। तत्काल चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं के उपयोग से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ठीक किया जा सकता है, जिससे पढ़ाई और उसके भविष्य में बेहतर बदलाव देखने को मिलता है ।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट स्तुति कक्कड़ ने बताया कि बच्चों में होने वाले मानसिक विकारों को पहचाना बेहद जरूरी है, लेकिन अधिकतर मामलों में अभिभावक और शिक्षक ऐसे लक्षणों को नहीं पहचान पाते हैं। जिससे कई बार इलाज में देरी हो जाती है, परंतु कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को मानसिक रोगों और उनके लक्षणों के बारे में बताकर ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा सकता है जो किसी भी तरह के मानसिक विकार से ग्रसित हो और उनका तत्काल इलाज संभव हो सकता है। कार्यक्रम में सीएमओ ऑफिस एनसीडी सेल से एपिडेमियोलॉजी डॉ राकेश गुप्ता, एफएलसी विजय वर्मा, व काउंसलर देवनंदन श्रीवास्तव फार्मासिस्ट सहदेव सचान सहित जिला चिकित्सालय के अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।
