बीसलपुर। ग्राम सरौरी में आयोजित आध्यात्मिक सद्भावना एवं मानव धर्म सम्मेलन में संत एके अवस्थी ने कहा कि भारतीय धार्मिक ग्रंथों में ज्ञान का अपार भंडार छिपा हुआ है, जिसका अध्ययन करने से जीवन सफल हो जाता है। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि रामचरितमानस, श्रीमद्भागवत, वेद और पुराण जैसे ग्रंथ मानव जीवन को सही दिशा देते हैं। इनके माध्यम से अज्ञानता का अंधकार दूर होता है और मनुष्य में सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
संत अवस्थी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने समाज को प्रेम, सेवा और न्याय का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलता है, तो उसका जीवन सफल हो सकता है। कार्यक्रम के अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में बेनीराम मौर्य, ज्ञानी वर्मा, बाबूराम मौर्य, शालिग्राम और डॉ. प्रेमपाल वर्मा सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।
