प्रतापगढः स्वयं सहायता समूह की महिलाओ ने सीखें आपदा जोखिम न्यूनीकरण के गुण! तुलसीसदन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित
March 24, 2026
प्रतापगढ़। जिले में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को तुलसीसदन (हादीहाल) सभागार में ‘‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका’’ विषयक एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। प्रशिक्षण में जिला आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 11 आपदायें क्रमशः बाढ़, सूखा, अग्निकाण्ड, ओलावृष्टि, भूकम्पध्सुनामी, बादल फटना, कोहरा एवं शीतलहरी, चक्रवात, भू-स्खलन, कीट आक्रमण, हिमस्खलन तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 11 आपदायें क्रमशः बेमौसम भारी वर्षाध्अतिवृष्टि, आकाशीय विद्युत, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाईध्गैस रिसाव, बोरवेल में गिरना, मानव वन्य जीव द्वन्द (जंगली जानवरो का हमला), कुंआध्नदीध्झीलध्तालाबध्पोखरध्नहरध्नालाध्गड्ढाध्जलप्रपात में डूकबर होने वाली मृत्यु तथा सांड़ एवं वनरोज (नीलगाय) के आघात से होने वाली घटना को घोषित किया गया है। जिला आपदा विशेषज्ञ ने सर्पदंश से बचाव व उपचार आदि के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर महेश मिश्र, रत्नेश, राजेश पाण्डेय ने विभिन्न आपदाओं के प्रकार, कारण, बचाव, क्या करें-क्या न करें आदि के सम्बन्ध में जानकारी दी। आपदा प्रबंधन के विभिन्न चरणों, गतिविधियों के कुशल संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित करते हुए सम्पूर्ण समुदाय को जागरूक व प्रशिक्षित कर विभिन्न आपदाओं से होने वाली जन-धन एवं पर्यावरण की हानियों को न्यूनतम किया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा से सम्बन्धित प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसका अवलोकन जनसामान्य, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाये व आपदा मित्र उपस्थित रहे।
