बलिया। जनपद के गड़वार थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलकहर गांव में सोमवार की रात हुई दर्दनाक आगजनी की घटना के बाद लापता चल रहे बुजुर्ग का शव मंगलवार को गांव के ही शिव मंदिर के पोखरे में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
ज्ञात हो कि 16 मार्च 2026 को चिलकहर गांव स्थित एक मकानध्दुकान में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस व फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में रिंकी उर्फ रितिका और उसके चार वर्षीय बेटे धीरज की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि पति नीरज चैरसिया की छत से कूदने के कारण पैर टूट गया था। घटना के बाद से ही उसी दुकान में रहने वाले 65 वर्षीय झूलन चैरसिया लापता थे, जिनकी काफी तलाश की जा रही थी। इस बीच मंगलवार को उनके पुत्र पंकज चैरसिया ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पिता का शव गांव के शिव मंदिर के पोखरे में पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है, वहीं घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है। इस मामले मृतका के पिता ने सास, ससुर, जेठ व जेठानी के विरुद्ध आगजनी के दौरान बाहर से दुकान में ताला बंद करने का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर लापता ससुर की छानबीन कर रही थी, तभी शिव मंदिर के पोखरे में मंगलवार को उनका शव मिला।
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