बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्राम्य विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ और महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रैंकिंग में सुधार के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल द्वारा पुलिस लाइन में 150 पुलिस कर्मियों के आवास एवं हॉस्टलध्बैरक निर्माण की जानकारी पोर्टल पर अपलोड न किए जाने पर भी असंतोष जताया और तत्काल जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति और अधूरे प्रोजेक्ट्स पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम को स्वास्थ्य केंद्र मनियर का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरा स्थित खाकी बाबा मंदिर निर्माण, गंगा तट पर घाटों के विकास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों से लिखित समयसीमा प्रस्तुत करने को कहा।
राजकीय इंटर कॉलेज नौरंगा के निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी और स्पष्ट कहा कि यदि कार्यदायी संस्था लापरवाही करती है तो उसे तत्काल बदला जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बेलहरी, स्वास्थ्य केंद्र हापुर महालखुर्द, राजकीय आश्रम विद्यालय हुसैनाबाद, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नवानगर तथा नगरा के अधूरे निर्माण कार्यों पर भी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। डीएम ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित 14 परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में प्रथम भवन निर्माण की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने सभी पूर्ण एवं अपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही अब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
आईजीआरएस समीक्षा में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक प्राप्त करे और निस्तारण से संबंधित आख्या एवं फोटोग्राफ्स आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड करे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायत निस्तारण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है, जिसके माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाता है, इसलिए सभी विभाग इसे गंभीरता से लें और समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से कार्य करें।
बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, सीएमओ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
