बीसलपुर। बिलसंडा विकास खण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेहटा में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अम्बरीश मिश्रा और पंचायत सचिव प्रियांशु द्विवेदी पर आरोप है कि उन्होंने अमृत सरोवर के जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये की सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए आई सरकारी धनराशि का उपयोग नियमों के विपरीत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य स्थल पर खुलेआम पीली ईंटों का खड़ंजा बिछा दिया गया, जो न केवल निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं है बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने बताया कि प्रधान और सचिव ने मिलकर इस पूरे कार्य में भारी अनियमितताएं की हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को चुनौती देते हुए यह घटिया निर्माण कराया गया। मामले में खंड विकास अधिकारी अमित शुक्ला की संलिप्तता और उदासीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे भ्रष्टाचार को खुले संरक्षण मिलने की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो अमृत सरोवर के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले की परतें खुल सकती हैं। जब सचिव प्रियांशु द्विवेदी से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया। इसके बाद खंड विकास अधिकारी अमित शुक्ला से बात की गई, जिन्होंने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला विकास कार्यों की पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।
