पीलीभीत। जनपद के थाना जहानाबाद क्षेत्र में तेज आवाज में साउंड बजाने का विरोध करने पर एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया गया इसी विवाद को लेकर पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव को दिए अपने प्रार्थना पत्र में पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।पीड़ित के अनुसार, उनके पड़ोस में रहने वाला सोनू कश्यप लंबे समय से तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाता आ रहा है। इससे न केवल आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा था, बल्कि उनके परिवार, विशेषकर पढ़ाई कर रहे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चेत्यन का कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्वक तरीके से सोनू कश्यप को समझाया और साउंड की आवाज कम रखने का अनुरोध किया, लेकिन हर बार उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।घटना 21 मार्च 2026 की शाम करीब 5रू30 बजे की बताई जा रही है। उस समय भी आरोपी द्वारा तेज आवाज में साउंड बजाया जा रहा था। जब चेतराम ने दोबारा आपत्ति जताई और आवाज धीमी करने को कहा, तो आरोपी भड़क गया। आरोप है कि सोनू कश्यप ने अपने साथियों मंजू, प्रदीप तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को बुला लिया और सभी ने मिलकर चेत्यन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और तमंचे की बट से चेत्यन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहानाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनके सिर में कई टांके लगाए। चिकित्सकों ने चोटों को गंभीर बताते हुए निगरानी में रखने की सलाह दी है।पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार थाना जहानाबाद पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसमें संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार में आक्रोश बना हुआ है।चेतराम गंगवार का कहना है कि घटना के बाद आरोपी पक्ष द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह समझौता कर लें, साथ ही उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। इससे परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रह सके।
