पीलीभीत। मंगलवार को बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के अंतर्गत अनुराग बैंक्वेट हॉल में आयोजित दो दिवसीय मंडल कार्यशाला का भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महामंडलेश्वर एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना के अनुरूप माँ भारती को नमन करते हुए की गई। इसके पश्चात डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, समर्पण और संगठनात्मक एकजुटता की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को विस्तार से रखा। उन्होंने एकात्म मानववाद की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि यह विचारधारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान की बात करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इन सिद्धांतों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाकर समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण महाअभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त और संगठित बनाना है, ताकि वे समाज के बीच जाकर सकारात्मक बदलाव ला सकें। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर सक्रियता को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला मंत्री मंगली प्रसाद वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। मंडल अध्यक्ष प्यारेलाल कश्यप ने कार्यशाला के उद्देश्य और इसकी रूपरेखा के बारे में जानकारी दी तथा सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्रशिक्षण महाअभियान को सफल बनाने, संगठन को और अधिक सशक्त करने तथा समाज के बीच सकारात्मक कार्यों को बढ़ाने का संकल्प लिया। दो दिवसीय इस कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक, वैचारिक और सामाजिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
