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पीलीभीतः बीसलपुर में गन्ना कृषक मेला आयोजित, वैज्ञानिक तकनीकों से उत्पादन बढ़ाने पर जोर! विशेषज्ञों ने दी उन्नत खेती की जानकारी, सैकड़ों किसानों ने लिया हिस्सा


पीलीभीत। जनपद के बीसलपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मानपुर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत गन्ना विकास परिषद द्वारा एक दिवसीय गन्ना कृषक मेला एवं गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों को नवीनतम वैज्ञानिक विधियों से अवगत कराते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और लागत को कम करना रहा। गोष्ठी में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने गन्ना खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया।मुख्य गन्ना सलाहकार डॉ. आर.सी. पाठक (चीनी मिल संघ, लखनऊ) ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च गुणवत्ता एवं रोगमुक्त बीज का चयन गन्ना उत्पादन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि यदि किसान प्रमाणित और स्वस्थ बीज का उपयोग करेंगे, तो उत्पादन में स्वतः वृद्धि होगी और रोगों का प्रकोप भी कम रहेगा।

सहायक निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार कपिल (गन्ना किसान संस्थान, शाहजहांपुर) ने गन्ना बुवाई की वैज्ञानिक विधियों पर प्रकाश डालते हुए किसानों को पंक्ति से पंक्ति न्यूनतम तीन फीट की दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उचित दूरी से पौधों को पर्याप्त धूप और पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है। साथ ही उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसान केवल यूरिया पर निर्भर न रहें, बल्कि म्यूरेट ऑफ पोटाश, सल्फर और जिंक का प्रयोग मृदा परीक्षण के अनुसार करें।गोष्ठी में प्रगतिशील किसान डॉ. हरमीत सिंह (ग्राम भसुड़ा) ने अपने अनुभव साझा करते हुए पेड़ी गन्ना से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि उचित पोषण, समय पर सिंचाई और देखभाल की जाए तो एक ही खेत से 4 से 5 पेड़ी तक सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने किसानों को देर से बुवाई की स्थिति में या गेहूं की कटाई के बाद गन्ना रोपण के लिए पौध तैयार कर रोपाई विधि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस विधि से समय की बचत होती है और बीज की खपत भी कम होती है, साथ ही उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर इफको एमसी के प्रतिनिधि प्रशांत चैधरी ने किसानों को इफको के उर्वरक एवं कृषि उत्पादों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में राजेश कुमार (सचिव, बीसलपुर), मनोज साहू (ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक), राजकुमार जैन (प्रधान प्रबंधक, चीनी मिल बीसलपुर), अवधेश कुमार (मुख्य गन्ना अधिकारी) सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, नई तकनीकों को व्यवहार में लाने और गन्ना उत्पादन को बढ़ाने का संकल्प दिलाया गया। इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र के किसानों में जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ गन्ना उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

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