पीलीभीतः प्रधानमंत्री से मुलाकात या सियासी मास्टरस्ट्रोक ? वरुण गांधी की वापसी के संकेत! परिवार संग पीएम से भेंट के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल, 2024 में टिकट कटने के बाद पहली बड़ी तस्वीर आई सामने
March 17, 2026
पीलीभीत। भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व सांसद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हालिया मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लंबे समय से पार्टी से दूरी और राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है।वरुण गांधी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ग् (पूर्व ट्विटर) पर तस्वीर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने परिवार सहित प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने पीएम मोदी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए “पितृवत स्नेह और संरक्षण” की बात कही, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि रिश्तों में आई दूरियां अब कम होती दिख रही हैं।गौरतलब है कि 2019 में पीलीभीत से सांसद चुने गए वरुण गांधी को 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। इस फैसले के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं या कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और उनकी मां मेनका गांधी ने भी साफ कहा था कि वरुण भाजपा में ही हैं और इससे संतुष्ट हैं।बीते समय में वरुण गांधी पार्टी की नीतियों, खासकर किसानों के मुद्दों को लेकर अपनी बेबाक राय रखते रहे हैं, जिससे उनके और शीर्ष नेतृत्व के बीच दूरी की चर्चाएं भी सामने आई थीं। यहां तक कि पीलीभीत में पीएम मोदी की जनसभा के दौरान उनकी गैरमौजूदगी ने नाराजगी के कयासों को और हवा दी थी।लेकिन अब सामने आई यह मुलाकात कई मायनों में सियासी संकेत दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तहत यह एक सकारात्मक पहल हो सकती है। वरुण गांधी की जनाधार वाली छवि और युवा नेतृत्व को देखते हुए पार्टी उन्हें फिर से सक्रिय भूमिका में ला सकती है।इस मुलाकात ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल वरुण गांधी किसी अन्य दल में जाने की राह पर नहीं हैं। बल्कि, यह तस्वीर भाजपा के भीतर ही उनके भविष्य को लेकर नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक रही या आने वाले दिनों में वरुण गांधी की राजनीतिक भूमिका में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। फिलहाल, एक तस्वीर ने यूपी की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।
