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Sonebhadra: प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों से बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को दिया जा रहा है अनुपूरक पुष्टाहार।

सोनभद्र। देश से कुपोषण दूर करने के लिए भारत सरकार ने बाल विकास एवं महिला कल्याण के लिए कई योजनाये संचालित की है। उत्तर प्रदेश सरकार के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अन्तर्गत प्रदेश के सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 0 से 06 वर्ष के बच्चों, 11 से 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समुचित पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रतिरक्षण के लिए अनुपूरक पोषाहार स्वास्थ्य प्रतिरक्षण (टीकाकरण) स्वास्थ्य जाँच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, स्कूल पूर्व शिक्षा, निर्देशन एवं सदर्भन सेवाये प्रदान की जा रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशन में पोषण सम्बन्धी सेवायें एक ही स्थान आँगनबाड़ी केन्द्र पर दी जा रही है। प्रदेश की आँगनबाड़ी कार्यकत्री लाभार्थियों को अनुपूरक पुष्टाहार वितरण, गृह भ्रमण, पोषण सम्बन्धी परामर्श के साथ-साथ बच्चों के वृद्धि की निगरानी संबंधी गतिविधियां करते हुए महिलाओं एवं बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास का कार्य कर रही है। अनुपूरक पुष्टाहार वितरण- भारत सरकार द्वारा निर्गत नवीनतम गाईडलाइन सक्षम आंगनवाडी व पोषण 2.0 के अंतर्गत अनुपूरक पुष्टाहार (टेक होम राशन) के रूप में 06 माह से 03 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, 03 वर्ष से 06 वर्ष की आयु के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों (06 माह से 06 वर्ष आयु वर्ग) को सम्मिलित करते हुए प्रदेश में लगभग 166 लाख लाभार्थियों को प्रत्येक माह अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण कर लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश के 43 जनपदों में स्वयं सहायता समूह (एस०एच०जी०) द्वारा संचालित 204 टी.एच.आर उत्पादन ईकाईयो के माध्यम से 311 बाल विकास परियोजनाओं में रेसिपी बेस्ड अनुपूरक पुष्टाहार की आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में इन उत्पादन ईकाईयों द्वारा आटा बेसन प्री-मिक्स, दलिया मूंग दाल खिचड़ी, आटा बेसन हलवा तथा एनर्जी डेन्स हलवा निर्मित कर लाभार्थियों को वितरित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह (एस०एच०जी०) के माध्यम से संचालित उत्पादन ईकाईयों को सम्पूर्ण प्रदेश में क्रियान्वित होने तक की अवधि में वैकल्पिक रुप से नैफेड के माध्यम से लाभार्थियों को अनुपूरक पुष्टाहार के रुप में फोर्टिफाइड गेहूँ दलिया, चना दाल, फोर्टिफाइड खाद्य तेल तथा खाद्य एवं रसद विभाग के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल प्रदान किया जा रहा है। किशोरी बालिकाओं के लिए गैर पोषण घटक के अन्तर्गत आयरन और फोलिक एसिड (आईएफए) सम्पूर्ण, स्वास्थ्य जांच और संदर्भन सेवा, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देना तथा कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देशन में नव्या प्रोजेक्ट के अन्र्तगत प्रदेश के 02 आकांक्षात्मक जनपद-फतेहपुर एवं सोनभद्र में 16-18 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु पायलेट प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया गया है। हॉट कुक्ड मील योजना के अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र पर आने वाले 03 वर्ष से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को हॉट कुक्ड मील दिया जा रहा है। प्रदेश में हॉट कुक्ड मील योजना का शुभारम्भ दिनांक 24 नवम्बर, 2023 को मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कर कमलों द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया था। हॉट कुक्ड मील योजना के संचालन के फलस्वरूप 03 से 06 वर्ष के बच्चों का आंगनवाड़ी केन्द्र में नामांकन, उपस्थिति तथा पोषण स्तर में सुधार हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में संचालित आंगनवाडी केन्द्रों पर आने वाले 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के 35.46 लाख बच्चों को हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है। ई.सी.सी.ई के अन्तर्गत बच्चों के जीवन के प्रारम्भिक वर्षों में देखभाल और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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