लखनऊ। राजधानी के काकोरी इलाके में दो साल पहले अपनी मर्जी से विवाह करने वाले एक युवक को उसकी ससुराल में ही मौत के घाट उतार दिया गया। आरोप है कि प्रेम विवाह से नाराज ससुर और सालों ने साजिश रचकर युवक को पत्नी की विदाई के बहाने पीलीभीत से लखनऊ बुलाया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर उसके सीने और पेट में ताबड़तोड़ चाकू घोंप दिए। चीख-पुकार सुनकर जब युवक का भाई बचाने दौड़ा, तो हमलावरों ने उसे भी लहूलुहान कर दिया। 24 वर्षीय रामसागर की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो गई इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मृतक रामसागर पीलीभीत के माधव टांडा का रहने वाला था। उसने दिसंबर 2024 में लालता खेड़ा की कामिनी से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने घर से भागकर मंदिर में शादी की और बाद में कोर्ट मैरिज भी कर ली। कामिनी के परिजन पीलीभीत पहुँचे और रीति-रिवाज से दोबारा शादी कराने का झांसा देकर कामिनी को अपने साथ लालता खेड़ा ले आए। यहाँ लाने के बाद उन्होंने कामिनी को बंधक जैसा बना लिया और उसकी दूसरी शादी तय करने लगे।
16 फरवरी को ससुर भीमा और सालों ने रामसागर को फोन कर विदाई की बात करने के लिए बुलाया। रामसागर अपने भाई राहुल के साथ ससुराल पहुँचा। वहां ससुर भीमा, साले सुमित, अमित और मौसेरा भाई पंकज उसे बात करने के बहाने गांव के बाहर ले गए।आरोपियों ने रामसागर पर रिश्ता खत्म करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उन्होंने बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच साले सुमित ने रामसागर के सीने और पेट में चाकू से कई वार किए। बीच-बचाव करने आए भाई राहुल को भी आरोपियों ने पीटकर घायल कर दिया।
गंभीर रूप से जख्मी रामसागर को सरोजनीनगर सीएचसी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में भारी भीड़ जुट गई और तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया मुख्य आरोपी ससुर भीमा, साले सुमित, अमित और पंकज ने विदाई के बहाने बुलकार कर दी हत्या की संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
