मुसाफिरखाना: भागवत कथा ही भगवान तक ले जाने का एक माध्यम है-आचार्य संतोष त्रिपाठी
February 17, 2026
मुसाफिरखाना/अमेठीं। क्षेत्र के पूरे सूबेदार मजरे माना मदनपुर में श्रीधाम वृन्दावन से पधारे भागवत रत्न से नवाजे गये कथा व्यास आचार्य संतोष त्रिपाठी ने एक सप्ताह तक चलने वाले कथा के षष्टम दिवस के सायंकालीन बेला में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। जिसमें सैकड़ों महिला,पुरूष भक्तों ने हिस्सा ले रहे हैं श्रोतागण भागवत कथा का रसपान करके भक्ति की ऐसी रस में डूबे की जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। भगवान की कथा रसमई है कथा चाहे जब सुनो उसकी मिठास कभी कम नहीं होगी भगवान के प्रेमियों के लिए भागवत कथा का हर दिन दीपावली होती हैं जिस तरह राजनेता के आने से गांव में खुशी हो जाती हैं उसी तरह भागवत भी खुशी लाती हैं भागवत कथा भगवान तक ले जाने का माध्यम हैं जब भगवान किसी को अपना बनाना चाहते है तभी वह कथा करवाता है महात्माओं की कृपा से देश चल रहा है संत की कोई जाति नहीं होती है कथा में तन मन यही होना चाहिए आचार्य संतोष त्रिपाठी ने कहा पूरे सूबेदार मजरे माना मदनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा मुख्य यजमान लालता प्रसाद पाण्डेय एवं शैल कुमारी के संयोजन में हो रही है।आयोजक पाण्डेय ने बताया कि जगन्नाथपुरी व चारों धाम यात्रा के बाद कथा का आयोजन किया गया है। जिसमें आचार्य संतोष त्रिपाठी लोगों को 12फरवरी से 18 फरवरी तक कथा का रसपान करा रहे है। उसी कड़ी में कथा व्यास ने रूक्मिणी विवाह के बारे में विस्तृत चर्चा की और सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई। 20 फरवरी को भण्डारे का आयोजन किया गया है।जिसमें अधिक से अधिक संख्या में लोगों के पहुँचने का आह्वान किया है।उक्त कथा में रवि प्रकाश पाण्डेय,दयाराम सजीवन तिवारी, वीरेंद्र यादव,एस पी यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
