लखनऊ। लखनऊ जिले में परिवहन विभाग और पुलिस को मुंह चिढ़ाते हुए डग्गामार वाहन धड़ल्ले से शहर से गांव तक दौड़ रहे हैं। डग्गामार वाहन यात्रियों को लटकाकर चल रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सीतापुर जिले के सिधौली कस्बे से सीतापुर रोड पर स्थित लखनऊ पुरनिया चैराहे डग्गामार वाहन संचालित होते है। जो यात्रियों को गाड़ी में भूसे की तरह भरकर व लटकाकर यात्रा कराते है। इन मार्गो पर सैकड़ों की संख्या में टाटा मैजिक, टेंपो आदि शामिल हैं। सिधौली से लेकर पुरनिया चैराहे तक कई थाने व चैकी भी पड़ती है। लेकिन किसी की नजर इन डग्गामार वाहनों पर नहीं पड़ती है। जिसका नतीजा यह है कि यह डग्गामार वाहन संचालक थानों के सामने से ठूंसकर भरी सवारियों को लेकर रोजाना यह वाहन गुजरते हैं। लेकिन पुलिस सब कुछ देखते हुए भी धृतराष्ट्र बनी हुई है। इतना ही नहीं यह डग्गामार वाहन रोडवेज को भी खूब चपत लगा रहे हैं। रोडवेज के रूटों पर यह सवारियां ढो रहे हैं। खासतौर पर सीतापुर रोड पर डग्गामार गाड़ियां खूब दौड़ रहीं हैं। इससे रोडवेज और परमिट धारियों को तो लाखों की चपत लग ही रही है। साथ ही यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री इनका वीडियो बनाकर भी शिकायत करते हैं, लेकिन संबंधित विभाग इन पर कार्रवाई नहीं करते हैं। वहीं सिधौली, अटरिया, इटौंजा, बीकेटी,सैरपुर, मड़ियांव इन सभी थानों से होकर गुजरते हैं डग्गामार वाहन, लेकिन पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती है। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहन परिवहन विभाग को चुना लगा रहे हैं।
सूत्रों की माने तो,सिधौली से पुरनिया चैराहे तक चलने वाले डग्गामार वाहन एक तरफ परिवहन विभाग को तो चपत लगा ही रहे हैं। वहीं ड्राइवर इन वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों से अधिक किराया वसूलने के साथ ही उनके साथ अभद्रता भी करते हैं। कई यात्रियों द्वारा भी ऐसे वाहनों पर अंकुश लगवाए जाने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर रहता है।
डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने का जिम्मा संभागीय परिवहन विभाग, परिवहन निगम, पुलिस और प्रशासन का है। चारों विभागों को डग्गामार वाहनों को बंद कराना चाहिए, लेकिन शायद ही कभी कोई कार्रवाई की गई हो। कार्रवाई न होने से डग्गामार वाहन चालकों के हौंसले बुलंद है।
