मिर्जापुर: शमशान घाट पर दाह संस्कार के क्रिया कर्मों के लिए रेट तय किए गए
February 09, 2026
नरायनपुर/मिर्जापुर। रायपुरिया शमशान घाट नरायनपुर में डोमराज व पिंडदान करने वाले ब्राह्मणों (मोहपत्र) द्वारा दाह संस्कार करने वाले लोगों से मन माने ढंग से रूपये की मांग कर घाट पर झिक-झिक किया जाता रहा जिसके संबंध में सुविचार जन कल्याण संस्था काफी दिनों से इसका विरोध कर रहा था जिसके सम्बन्ध में सुविचार जन कल्याण संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा भारत विकास परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर श्यामशान घाट पर बैठक आहुत कर समस्या के समाधान पर चर्चा करने का आग्रह किया गया था जिसको भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण कुमार सिंह द्वारा उक्त को संज्ञान में लेते हुए रविवार को समय सुबह 9रू00 बजे घाट पर बैठक बुलाई गई। उक्त बैठक में सुविचार जन कल्याण संस्था के पदाधिकारी व अन्य समाजसेवी संस्था के लोग भी उपस्थित हुए तथा सर्वप्रथम शमशान घाट की सफाई की गई और डोम राज को आग देने का 500ध्रुपया तथा पिंडदान करने वाले ब्राह्मणों(मोहपात्र) का भी 500 शुल्क निर्धारित किया गया जिस पर वहां पर उपस्थित डोम राज व मोहपात्र सहमत हुए इसलिए डोमराज को माला पहना कर सम्मानित किया गया तथा घाट पर कुछ लोगों द्वारा गलत ढंग से गुमटी रखकर अतिक्रमण किया गया था। उन लोगों को भी चेतावनी देते हुए अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया जिसमें सुविचार जन कल्याण संस्था के अध्यक्ष इंजीनिय शशिकांत सिंह संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह पटेल, प्रदेश महासचिव रामाश्रय मिश्रा,जिला महासचिव चंदन कुमार गुप्ता, संगठन के उपाध्यक्ष व संरक्षक समिति के सदस्य पूर्व प्रधान लालचंद पटेल,अध्यापक अजय सिंह, फूलचंद पटेल ,जयप्रकाश सिंह उर्फ बब्बू, सुभाष चंद्र केसरी, डॉक्टर हरिशंकर सिंह , ब्लॉक अध्यक्ष नारायणपुर ओम प्रकाश सिंह ,संस्था के प्रबंधक राजकुमार सिंह एडवोकेट , छोटे लाल अध्यापक रायपुरिया ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शेरपुर मनोज कुमार सिंह और राकेश कुमार सिंह आदि आदि लोग उपस्थित रहे। तथा उपरोक्त निर्णय के अनुसार समस्त क्षेत्र वासियों को यह सूचित किया जाता है कि अब घाट पर जाए तो डोमराज को 500 तथा पिंडदान करने वाले ब्राह्मण(मोहपात्र) को 500 से अधिक न दिया जावे यदि इससे अधिक की मांग किया जाता है तो तत्काल 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचित किया जावे तथा सुविचार जन कल्याण संस्था के किसी भी पदाधिकारी को अवगत करावे ताकि लोगों के विरुद्ध करवाई किया जा सके।
