मणिशंकर अय्यर के बिगड़े बोल! पवन खेड़ा कठपुतली, थरूर बनना चाहते हैं विदेश मंत्री
February 16, 2026
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर से पार्टी के बड़े नेताओं पर तीखा हमला बोला है. एक इंटरव्यू में उन्होंने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को ‘कठपुतली’ (puppet) कहा और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘एंटी-पाकिस्तान’ हैं और ‘अगले विदेश मंत्री’ बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं. साथ ही उन्होंने संचार प्रमुख जयराम रमेश पर तंज कसा कि उन्हें ‘अपनी नौकरी बचानी है.’
यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है. अय्यर ने कहा कि कांग्रेस के नेता एक-दूसरे से ज्यादा नफरत करते हैं जितनी कम्युनिस्टों से करते हैं, इसलिए पार्टी केरल में जीत नहीं पाएगी.
तिरुवनंतपुरम में ‘विजन 2031: डेवलपमेंट एंड डेमोक्रेसी’ सेमिनार में अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री और CPM नेता पिनारायी विजयन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मुझे आपके पैर छूने चाहिए, मुख्यमंत्री विजयन, और कांग्रेस द्वारा छोड़े गए बैटन को उठाने की गुजारिश करनी चाहिए. धन्यवाद और केरल समृद्ध हो.’ उन्होंने पंचायती राज में केरल की सफलता को राजीव गांधी के सपने की पूर्ति बताया.
अय्यर ने हाल ही में पिनारायी विजयन की तारीफ की थी और भविष्यवाणी की थी कि चुनाव के बाद भी वे मुख्यमंत्री रहेंगे. इससे कांग्रेस में हंगामा मचा, क्योंकि पार्टी लेफ्ट फ्रंट (LDF) के खिलाफ चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस ने खुद को इन बयानों से अलग किया. पवन खेड़ा ने X पर कहा, ‘मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ सालों से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं रखते. वे पूरी तरह व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं.’
जयराम रमेश ने अय्यर को लेकर कहा कि कोई संदेह न हो. केरल के लोग UDF को ज्यादा जिम्मेदार और संवेदनशील शासन के लिए वापस लाएंगे. वे जानते हैं कि LDF और बीजेपी सीक्रेट पार्टनर हैं.’
अय्यर कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनकी बेबाक टिप्पणियां अक्सर विवाद पैदा करती हैं. पार्टी ने उन्हें पहले भी निलंबित किया है. अब उनका नया बयान कांग्रेस को शर्मिंदा कर रहा हैं, खासकर केरल चुनाव से पहले जहां पार्टी UDF के तहत सत्ता वापसी की कोशिश कर रही है. अय्यर के हमले पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठाते हैं और दिखाते हैं कि बड़े नेता भी आपसी मतभेदों से जूझ रहे हैं.
