बाराबंकी: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनुदेशकों के घरों में जश्न
February 04, 2026
राम सनेही घाट/बाराबंकी। वर्षों के संघर्ष और धैर्य के बाद उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 25 हजार अनुदेशकों को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिल गया। सर्वोच्च न्यायालय ने अनुदेशकों के मानदेय को 17 हजार रुपये निर्धारित करते हुए वर्ष 2017 से अब तक का एरियर भुगतान करने का आदेश दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले से अनुदेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और उनके घरों में दीपावली जैसा माहौल है।उच्च प्राथमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, बाराबंकी के मीडिया प्रभारी राजीव कुमार साहू ने इसे अनुदेशकों की सबसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि बीते 13 वर्षों से अनुदेशक अल्प मानदेय में निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे थे। आज सुप्रीम कोर्ट ने उनके संघर्ष को सम्मान दिया है।ब्लॉक अध्यक्ष अनुदेशक संघ अंकित तिवारी ने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि अनुदेशकों के आत्मसम्मान को भी नई मजबूती देगा। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच, जस्टिस पंकज मित्तल एवं जस्टिस एस.वी.एन. भाटी ने दस वर्षों के अनुभव को देखते हुए अनुदेशकों को नियमित करने का भी निर्देश दिया है।इस फैसले के बाद प्रदेश भर के 25 हजार अनुदेशकों और उनके परिवारों में उम्मीद, सम्मान और भविष्य की नई रोशनी दिखाई दे रही है।
