पीलीभीत। प्रदेश की विधानसभा में बजट सत्र के दौरान पीलीभीत जनपद के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में पीलीभीत में विश्वविद्यालय की स्थापना की जोरदार मांग करते हुए कहा कि उत्तराखंड एवं नेपाल सीमा से सटा यह जनपद शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यहां के छात्रों और विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बरेली, लखनऊ अथवा अन्य दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पीलीभीत में एक विश्वविद्यालय की स्थापना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने इसे जनपद के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।
राज्य मंत्री ने अपने भाषण के दौरान भाग मोहम्मद पुल के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। इस पर सदन में जानकारी दी गई कि पुल निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है और शीघ्र ही इसके लिए बजट जारी कर दिया जाएगा। पुल निर्माण से क्षेत्रीय आवागमन में सुगमता आएगी तथा ग्रामीण अंचलों को सीधा लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि जब प्रदेश में कमल खिला है तो पीलीभीत भी विकास की नई रोशनी से आलोकित हुआ है। उन्होंने जनपद में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत पचपेड़ा क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट स्थापित हो चुका है और शीघ्र ही उत्पादन प्रारंभ होने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अन्य उद्योगों के निवेश को लेकर उद्योगपतियों से वार्ता चल रही है और आने वाले समय में पीलीभीत औद्योगिक नक्शे पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि विश्वविद्यालय स्थापना और औद्योगिक विस्तार जैसे मुद्दों को विधानसभा में उठाए जाने से जनपद की विकास संबंधी मांगों को प्रदेश स्तर पर मजबूती मिली है। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया कितनी शीघ्र गति पकड़ती है।
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