उत्तराखड । मुख्य विकास अधिकारी आर सी तिवारी द्वारा आज जनपद में संचालित विभिन्न कृषि, रेशम एवं लघु उद्योग आधारित गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस क्रम में सर्वप्रथम देवकी लघु वाटिका में स्थापित मूगा रेशम फ्रूट प्लांट का निरीक्षण किया गया। इसके उपरांत राजकीय रेशम फॉर्म बागेश्वर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षक रेशम को निर्देशित किया गया कि राजकीय रेशम फॉर्म में मूगा रेशम के पौधों का रोपण प्राथमिकता से कराया जाए, जिससे रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
निरीक्षण के अगले चरण में विकासखंड बागेश्वर के नदीगांव स्थित “गोदावरी धूप लघु उद्योग” का अवलोकन किया गया। वर्तमान में इस इकाई द्वारा 10 स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। यहां निर्मित धूप की मार्केटिंग वैष्णो देवी, कैंची धाम, कौसानी, देहरादून, हल्द्वानी सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों के विपणन को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात ग्राम सातरतवे का भ्रमण किया गया, जहां कृषि विभाग द्वारा जिला योजना के अंतर्गत मॉडल ग्राम विकसित किया जा रहा है। यहां बर्मी कंपोस्ट पिट, जियो लाइन टैंक, एकीकृत टैंक, घेरबाड़, फसल प्रदर्शन आदि कार्य प्रगति पर हैं। मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं।
इस दौरान श्री हरीश सिंह द्वारा संचालित पोल्ट्री फार्म तथा सेब बागान का भी निरीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
निरीक्षण के अवसर पर श्री किशन सिंह मलडा, श्री बृजेश रतूड़ी (निरीक्षक रेशम, बागेश्वर), श्री चंद्र मोहन सिंह रावत (प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, बागेश्वर) तथा श्री राजेंद्र उप्रेती (प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर) सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
