बाराबंकी । देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और ठेका प्रथा के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह “सुमन” ने कहा कि आज देश में 30 करोड़ से अधिक किसान, खेत मजदूर, बैंक, बीमा और बिजली कर्मी सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण कर रही है।पार्टी सचिव बृजमोहन वर्मा ने श्रम कानूनों को वापस लेने, निजीकरण पर रोक लगाने, ठेका प्रथा समाप्त करने और बिजली संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग उठाई। प्रदेशीय नेता प्रवीण कुमार ने कहा कि हड़ताल का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है, जहां मिड डे मील कर्मी, संविदा कर्मी और रोडवेज सेवाएं प्रभावित हैं।पार्टी के कोषाध्यक्ष शिवदर्शन वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने नीतियों में बदलाव नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि मेहनतकश वर्ग आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहा है।प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान प्रेमचंद वर्मा, करन राजपूत, धर्मेंद्र शर्मा, कदीर हसन, सर्वेश यादव, रामनरेश वर्मा, सच्चिदानंद श्रीवास्तव, दीपक वर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, मोहम्मद कासिम, लवकुश वर्मा, दीपक शर्मा, सुंदरलाल सोनी, आशीष शुक्ला, संदीप तिवारी, श्याम सिंह, राजेंद्र बहादुर सिंह, संदीप वर्मा, अलाउद्दीन, अरुण, संतोष कुमार दया एडवोकेट, अंकुल वर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
