आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह एवं डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय द्वारा मांट टोल प्लाजा पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी तथा मथुरा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ दुर्घटनाओं के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि आगरा-नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों के परमिट की वैधता की सख्ती से जांच की जाए। बिना परमिट वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे से गुजरने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने टोल प्लाजा पर स्कैनर एवं वाहन परमिट डाटाबेस से जुड़े सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने के निर्देश भी दिए, जिससे बिना परमिट वाहन के प्रवेश पर तत्काल अलर्ट मिल सके।
उन्होंने एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर हेल्पलाइन नंबर व दिशा-निर्देश वाले बड़े साइनेज बोर्ड लगाने को कहा। साथ ही फूड प्वाइंट के पास भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था न होने पर बस-ट्रक ले-बाय निर्माण तथा पीपीपी मोड पर जनसुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए कैटल कैचर वाहनों की नियमित तैनाती, फेंसिंग की जांच एवं मरम्मत तथा पूरे एक्सप्रेसवे को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने के निर्देश भी दिए।
डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने प्रवर्तन कार्यवाही की समीक्षा करते हुए ओवरलोडिंग एवं ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को सक्रिय रखने, डबल डेकर व स्लीपर बसों के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा नियमों के उल्लंघन पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी सी.पी. सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एडीएम वित्त पंकज कुमार, एसपी सिटी सहित यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित रहे।
