लखनऊ/प्रयागराज। महाकुंभ 2025 में सफल भागीदारी के बाद कोका-कोला इंडिया ने माघ मेला 2026 में भी अपनी सामाजिक और आर्थिक सहभागिता को मजबूती देते हुए स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय पहल की है। माघ मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और आगंतुकों की संख्या तथा इसके व्यापक आर्थिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, कोका-कोला इंडिया ने अपने बॉटलिंग पार्टनर एसएलएमजी बेवरेजेज के साथ मिलकर ऐसा मजबूत वितरण एवं रिटेल नेटवर्क विकसित किया है, जिससे स्थानीय वेंडर्स और छोटे रिटेलर्स को रोजगार एवं आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।मेला क्षेत्र में स्थापित रिटेल आउटलेट्स, फूड कोर्ट और हाइड्रेशन कार्ट्स के माध्यम से आगंतुकों को सहज रूप से ठंडे और गुणवत्तापूर्ण पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ी है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों की आजीविका को भी मजबूती मिली है।कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया के वाइस-प्रेसिडेंट (इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस) संदीप बाजोरिया ने कहा कि माघ मेला इसलिए विशेष है क्योंकि यह लाखों लोगों, स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को एक साथ जोड़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं और सहयोग से यह आयोजन एक सशक्त आर्थिक मंच बनता है। एसएलएमजी बेवरेजेज के साथ साझेदारी कर कंपनी आगंतुकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ स्थानीय वेंडर्स के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ा रही है।
इसके साथ ही कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ‘अन्नदान’ अपनी रुडंपकंदैं िपहल के तहत माघ मेला 2026 में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग प्रदान कर रही है। इस पहल में कचरे का वैज्ञानिक ढंग से संग्रहण और रीसायकल प्लास्टिक से बने चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आगंतुकों की सुविधा को भी सुनिश्चित करती हैं।एसएलएमजी बेवरेजेज के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं बोर्ड सदस्य पारितोष लढ़ानी ने कहा कि कंपनी अपने रिटेल और वितरण नेटवर्क के माध्यम से माघ मेला के अनुभव को बेहतर बना रही है। उन्होंने बताया कि यह मॉडल न केवल सप्लाई चेन को मजबूत करता है, बल्कि स्थानीय वेंडर्स को सहयोग देकर आर्थिक अवसर सृजित करता है और कोका-कोला इंडिया की समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।माघ मेला 2026 में कोका-कोला इंडिया की यह पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है।
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