लखनऊ।उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 02ध्2023 के अंतर्गत च्म्ज्-2022 के माध्यम से एक्स-रे टेक्नीशियन के 382 पदों पर एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। यह प्रक्रिया वर्ष 2022 की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (च्म्ज्) से शुरू हुई थी, जिसके बाद वर्ष 2023 में विज्ञापन जारी किया गया। इस एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती के अंतर्गत लिखित परीक्षा 15 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई तथा दस्तावेज सत्यापन जुलाई 2025 में संपन्न हुआ। सभी चरण पूर्ण होने के बावजूद फरवरी 2026 तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया है, जिससे हजारों अभ्यर्थी मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से परेशान हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने आयोग सचिव से कई बार मुलाकात की। वहाँ से जानकारी दी गई कि एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया समकक्षता (म्ुनपअंसमदबम) से संबंधित एक पत्र के लंबित रहने के कारण रुकी हुई है, जो शासन स्तर से आना शेष है।अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य मंत्री से भी भेंट की। 27 जनवरी 2026 को गोरखपुर जनता दरबार में कुछ अभ्यर्थियों ने स्वयं स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की। इसके पश्चात प्रमुख सचिव स्तर पर भी जानकारी ली गई, जहाँ बताया गया कि समकक्षता संबंधी पत्र जनवरी माह में ही सचिवालय से महानिदेशक (स्वास्थ्य) कार्यालय को भेजा जा चुका है।हालांकि, महानिदेशक (स्वास्थ्य) कार्यालय तथा आयोग सचिव कार्यालय दोनों की ओर से यह कहा जा रहा है कि संबंधित पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। विभागों के बीच इस प्रकार की अस्पष्टता के कारण एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती में विलंब के चलते कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं तथा अन्य रोजगार अवसर भी गंवा चुके हैं। उनका आरोप है कि बाद में निकली कई भर्तियों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती अब तक लंबित है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि वे केवल अंतिम परिणाम की घोषणा चाहते हैं, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो सके। उनका कहना है कि विभागीय पत्राचार की कमी और समन्वय के अभाव में हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य संकट में है।
