पीलीभीत। शहर के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 25 वर्षीय निजी कर्मचारी अनिल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने जनपद में सनसनी फैला दी है। आईटीआई के पास स्थित मधुवानी इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय की छत पर उसका शव फंदे से लटका मिलने के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया। शुरुआत में पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किए जाने से आक्रोशित परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के हस्तक्षेप से पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश कश्यप, तथा तीन अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
जानकारी के अनुसार अनिल वर्ष 2018 से उक्त कंपनी में कार्यरत था। घटना से मात्र चार दिन पहले उसे नौकरी से हटा दिया गया था। शुक्रवार सुबह उसका शव कार्यालय की छत पर फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत कराया गया, लेकिन परिजनों ने इसे साजिशन हत्या बताया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनिल को कंपनी से जुड़े कुछ निजी संबंधों की जानकारी थी, जिसके चलते उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। उनका कहना है कि अनिल की हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से नाराज परिजन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे और वहां मौजूद राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री के सामने पूरी घटना रखी और न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने मौके पर मौजूद कोतवाल सत्येंद्र कुमार से रिपोर्ट दर्ज न होने का कारण पूछा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव को तत्काल बुलाया।मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए कोतवाल को हटाने के निर्देश दिए। मंत्री की सख्ती के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश कश्यप और तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। साथ ही, कोतवाल पर लगे लापरवाही के आरोपों की भी विभागीय जांच होगी।
फिलहाल इस घटना को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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