बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के ग्राम बढ़ैरा में अमावस्या के पावन अवसर पर आर्य समाज द्वारा आयोजित यजुर्वेद पारायण महायज्ञ श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के बीच निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की सुगंध से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।
यज्ञ ब्रह्मा रामप्रताप आर्य ने विराट परमात्मा के गुणवाचक नामों की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि परमात्मा निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वव्यापक और अजर-अमर है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को वैदिक सिद्धांतों पर चलने का संदेश दिया।
यज्ञ के यजमान भानुप्रताप आर्य सपत्नीक रहे। वहीं यज्ञोपरांत रामचन्द्रलाल आर्य ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के प्रत्येक कार्य में ईश्वर का स्मरण करते हुए कर्तव्य पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम में नरेश आर्य ने भजन प्रस्तुति के माध्यम से यज्ञ जैसे शुभ कर्मों को जीवन में निरंतर अपनाने का आह्वान किया। गौरव आर्य ने यजुर्वेद के 34वें अध्याय की पवित्र ऋचाओं के साथ यज्ञ सम्पन्न कराया।
इस बृहद यज्ञ में झाझन लाल आर्य, श्रीराम आर्य, मुरारीलाल आर्य, रामसागर आर्य, बुद्धसेन आर्य, सियाराम आर्य, ओमकार आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्य बंधु उपस्थित रहे।
