पीलीभीतः फीस के नाम पर छात्रों को परीक्षा से रोका तो होगी सख्त कार्रवाई- डीएम
February 16, 2026
पीलीभीत। जनपद के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी छात्र या छात्रा को केवल फीस जमा न होने के कारण परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से अपने भविष्य से वंचित न हो।डीएम ने कहा कि यदि किसी विद्यालय के खिलाफ यह शिकायत प्राप्त होती है कि किसी छात्र को फीस के कारण परीक्षा से रोका गया है या प्रवेश पत्र देने में जानबूझकर देरी की गई है, तो संबंधित प्रधानाचार्य या व्यवस्थापक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेताया कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालना या छात्रों के हितों की अनदेखी करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों को समय पर प्रवेश पत्र उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की अनिवार्य जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की टालमटोल, भेदभाव या अनुचित शर्त स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से संवाद बनाए रखें तथा किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता से करें।प्रशासन की ओर से अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि यदि किसी संस्था द्वारा परीक्षा से वंचित करने, दबाव बनाने या प्रवेश पत्र रोकने जैसी शिकायत हो तो तत्काल जिला प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव हैं, इसलिए सभी शिक्षण संस्थानों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र के अधिकारों का हनन न हो और परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
