उन्नाव। जनपद के विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की जनपदीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामित जनपद उन्नाव के नोडल अधिकारी डॉ. गगनेश शर्मा, जो नेशनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मिंग गाजियाबाद के निदेशक भी हैं, उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उप कृषि निदेशक रवि चन्द्र प्रकाश ने योजना के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों को शामिल करते हुए किसानों के बीच प्रमाणित बीजों का वितरण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पादों का प्रमाणीकरण कराया जाए, जिससे बाजार में उनकी विश्वसनीयता बढ़े। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्रेता एवं विक्रेता की संयुक्त बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, हॉट मार्केटिंग की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर स्थापित हॉट मार्केटिंग केंद्रों का सदुपयोग किया जाए और ब्लिंकिट तथा स्विगी जैसी कंपनियों की तर्ज पर नेटवर्क तैयार कर कृषि उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी कृति राज ने बताया कि योजना के अंतर्गत पोर्टल पर निर्धारित इंडिकेटरों के माध्यम से लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को कृषि विभाग से समन्वय स्थापित कर अपने एक वर्ष के आंकड़े पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जीवामृत, घनजीवामृत एवं बीजामृत तैयार करने का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, आम उत्पादक क्षेत्रों के कृषि उत्पादों को सुपर मार्केट जैसे लूलू मॉल तक पहुंचाने की रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर डॉ. गगनेश शर्मा ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर सतत कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
बैठक में डॉ. अर्चना सिंह (इंचार्ज कृषि विज्ञान केंद्र धौरा), जिला कृषि अधिकारी शशांक, जिला उद्यान अधिकारी सुरेन्द्र राम भाष्कर, डीडीएम नाबार्ड सुमित कुमार सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।