पीलीभीत: जिलाधिकारी ने स्वयं खाई फाइलेरिया की दवा, अभियान को दिया जनजागरण का संदेश! साल में एक बार दवा सेवन से हाथीपांव जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव
February 20, 2026
पीलीभीत। जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में स्वयं फाइलेरिया की दवा का सेवन कर लोगों को जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी दवा लेने के लिए प्रेरित किया और आमजन से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी दवा सेवन के लिए जागरूक करें।जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया एक परजीवी जनित संक्रामक रोग है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलता है और समय पर उपचार न होने पर हाथीपांव जैसी गंभीर शारीरिक विकृतियों का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही सामूहिक दवा सेवन मुहिम का उद्देश्य इस बीमारी की जड़ समाप्त करना है। यदि सभी पात्र व्यक्ति वर्ष में एक बार निर्धारित खुराक ले लें, तो संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वितरित की जाती है। किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न देते हुए लोगों को इसे निःसंकोच लेना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घर-घर जाकर लोगों को दवा उपलब्ध कराएं तथा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाएं।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी फाइलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी दी तथा बताया कि अभियान के दौरान विशेष टीमें बनाकर गांव-गांव और मोहल्लों में दवा वितरण किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिकतम लोगों तक दवा पहुंचाकर जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाया जाए।कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं दवा लें, परिवार के सदस्यों को दिलाएं और किसी भी व्यक्ति को दवा लेने से न रोकें, क्योंकि सामूहिक सहभागिता ही इस बीमारी के पूर्ण उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है।
