पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना 30 जनवरी 2026 तथा परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय परिसर में शुक्रवार को परिवहन मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य वाहन स्वामियों एवं चालकों को शासन की नवीन जनहितकारी योजनाओं, कर व्यवस्था और नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने उपस्थित लोगों को नई एकमुश्त कर व्यवस्था के नियम, कर निर्धारण की प्रक्रिया, कर की गणना, भुगतान की विधि तथा निर्धारित समय सीमा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य कर प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वाहन स्वामियों के लिए सुविधाजनक बनाना है ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।मेले में उपस्थित वाहन चालकों और स्वामियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए कई प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया। वाहन स्वामी जावेद ने पूछा कि यदि किसी वाहन का कर नई व्यवस्था लागू होने से पहले का बकाया है तो उसका भुगतान कैसे होगा। इस पर एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि 30 जनवरी 2026 से पूर्व का बकाया कर पूर्व कर नियमावली के अनुसार ही जमा किया जाएगा, जबकि उसके बाद की अवधि के लिए वर्तमान एकमुश्त कर योजना लागू होगी।
जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए मेले में नई कर व्यवस्था से संबंधित जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए, जिससे वाहन स्वामी घर जाकर भी नियमों का अध्ययन कर सकें। आयोजन का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि मौके पर ही छह वाहन स्वामियों ने लगभग 1.32 लाख रुपये का कर जमा कर दिया।कार्यक्रम में यात्रीकर एवं मालकर अधिकारी बरडिस चतुर्वेदी, वरिष्ठ सहायक लालाराम, राजेश कुमार सिंह, लोकेंद्र सिंह पुंडीर सहित लगभग 42 जीप, टैक्सी, ऑटो और पिकअप यूनियन के सदस्य उपस्थित रहे।अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक वाहन स्वामी शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकें और परिवहन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
