प्रतापगढ/बाबागंज। एक निजी क्लिनिक पर मिली सरकारी दवाइयों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। एक सप्ताह में जांच करके स्वास्थ्य टीम अधिकारियों को रिपोर्ट देगी कि कैसे और किस तरह से सरकारी दवाएं निजी क्लिनिक पर पहुंची हैं और इस कृत्य में कौन -कौन से विभागीय कर्मी संलिप्त हैं ?
बाबागंज ब्लाक में शनिवार को जिले से आई स्वास्थ्य टीम ने अवैध रूप से संचालित दो निजी क्लिनिक पर छापा मारा था। जिसमें से गुजवर गांव में संचालित क्लिनिक का झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य टीम को देखकर फरार हो गया तो टीम ने क्लिनिक को सीज कर दिया था। वही हीरागंज बाजार में नया का पुरवा के पास संचालित मन्नत पाली क्लिनिक के संचालक डॉ अरशद अहमद पुत्र इजहार अहमद को राजकीय(सरकारी) दवाइयों के साथ पकड़ लिया था। अवैध रूप से संचालित हो रही दोनों क्लिनिक संचालको के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया तथा एक आरोपी अरशद को जेल भेज दिया। अब सीएमओ के निर्देश पर एक टीम गठित कर दी गई है जो यह जांच करेगी कि सरकारी दवाइयों को कौन और किन कर्मचारियों की मिलीभगत से बेंच रहा है? इलाके के लोग कयास लगा रहें हैं कि आस-पास के ही सरकारी अस्पताल से किसी कर्मचारी की मिलीभगत से सरकारी दवाइयां बेंची जा रही हैं। सूत्रों पर यकीन करें तो रविवार को एक सरकारी अस्पताल में दवाइयों का मिलान कराया गया तो उस अस्पताल में मौजूद दवाई का बैच नम्बर पकड़ी गई दवाइयों के बैच नम्बर से मेल खा गया। इस संबंध में छापेमारी करने वाली स्वास्थ्य टीम के सदस्य एवं डिप्टी सीएमओ डॉ आजाद अहमद का कहना है कि सीएमओ के निर्देश पर जांच टीम गठित कर दी गई है, जो एक सप्ताह के भीतर जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
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