Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने कर दिया खेल! हर बेरोजगार युवा के खातें में डालेंगी 1500 रूपए


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगार युवाओं के लिए शुरू की गई ‘युवा साथी’ योजना को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला. रविवार को रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही सूर्योदय से पहले ही लंबी कतारें लग गईं. सुबह 11 बजे कैंप खुलने तक हजारों युवा पंक्ति में खड़े थे और शाम तक राज्यभर में करीब दो लाख युवाओं ने पंजीकरण के लिए लाइन लगाई. यह योजना ममता बनर्जी की अगुवाई वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार ने शुरू की है. इसके तहत 21 से 40 वर्ष के ऐसे बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की प्रत्यक्ष नकद सहायता दी जाएगी, जिन्होंने कक्षा 10 से आगे पढ़ाई नहीं की है.

IANS की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक फिजिकल कैंप लगाया गया है, जिनमें से 18 कैंप कोलकाता में हैं. ये कैंप रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक 26 फरवरी तक चलेंगे.कुछ जगहों पर अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आईं. मालदा जिले के चांचल और दक्षिण दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में कथित देरी को लेकर थोड़ी देर के लिए विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति संभाली और पंजीकरण फिर शुरू हुआ.

कोलकाता के बेहाला स्थित एक कैंप में 29 वर्षीय सौविक पोरेल सुबह 8:30 बजे ही पहुंच गए थे. उन्होंने बताया कि 9:30 बजे तक करीब 100 लोग लाइन में थे और गेट खुलने तक यह संख्या 400 के करीब पहुंच गई. वे कॉमर्स ग्रेजुएट हैं और फिलहाल ट्यूशन पढ़ाकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. उनके मुताबिक यह राशि तब तक सहारा देगी जब तक उन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिल जाती. कई अन्य युवाओं ने भी कहा कि यह राशि रोजमर्रा के खर्च में मदद करेगी और उन्हें माता-पिता पर निर्भरता कम करने का मौका देगी.

युवा साथी योजना की घोषणा 6 फरवरी को 2026-27 के वोट-ऑन-अकाउंट बजट में की गई थी. इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. राज्य सरकार का अनुमान है कि करीब 27.8 लाख युवा इस योजना से लाभान्वित होंगे. पहले इस योजना के तहत भुगतान 15 अगस्त से शुरू होना था, लेकिन अब इसे 1 अप्रैल से लागू करने की घोषणा की गई है

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इस योजना को “वोट डोल” यानी चुनावी लालच बताया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन क्यों नहीं की गई. उन्होंने 2013 की एक योजना का हवाला देते हुए पूछा कि तब किए गए 17 लाख नौकरी आवेदनों का क्या हुआ और कितनों को रोजगार मिला

राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार सभी योजनाओं को जारी रखे हुए है. उन्होंने केंद्र सरकार पर बकाया राशि रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके बावजूद कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. इस बीच बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च में कोलकाता में रैली कर सकते हैं, जहां बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |