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रुद्रपुर: खाकी की चुप्पी से बढ़ा दुस्साहस, महिला अधिवक्ता को ‘निर्भया कांड’ दोहराने की धमकी! दहशत में परिवार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप,एसएसपी से लगाई गुहार


रुद्रपुर। जनपद में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने न्याय के मंदिर में पैरवी करने वाली महिला अधिवक्ता को ही निशाने पर ले लिया है। गदरपुर निवासी एक महिला अधिवक्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि क्षेत्र के कुछ दबंग उनके परिवार की इज्जत और जान के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं। आरोपियों ने न केवल उनकी जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास किया, बल्कि अधिवक्ता को दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ जैसा हश्र करने की सरेआम धमकी दी है। इस मामले में स्थानीय पुलिस की चुप्पी ने अपराधियों के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

वार्ड नं-10, आजाद नगर, गदरपुर निवासी और जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रपुर में वकालत करने वाली शाजिया ने बताया कि वार्ड नं-9 पंजाबी कॉलोनी स्थित उनके परिवार की वैध भूमि (खेत नं-01498) पर माननीय सिविल जज (जू.डि.) रुद्रपुर द्वारा 03 मई 2025 को स्थगन आदेश जारी किया गया है। इसके बावजूद, बीते 23 नवंबर की सुबह और 25 नवंबर की शाम को नामजद आरोपी मो. अजरुद्दीन, और कारी खुर्शीद अपने कई हथियारबंद साथियों के साथ लाठी-डंडों और तमंचों से लैस होकर जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए। जब अधिवक्ता की वृद्ध माता श्रीमती अरमाना बेगम ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने कोर्ट के आदेशों का मजाक उड़ाते हुए कहा, हम कोर्ट-कचहरी नहीं मानते, जमीन पर तो कब्जा होकर रहेगा।

प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता ने अत्यंत गंभीर और शर्मनाक घटनाओं का जिक्र किया है। आरोप है कि मुख्य आरोपी मो. अजरुद्दीन अधिवक्ता और उनकी बहनों के छिपकर वीडियो और फोटो बनाता है और उन्हें सामाजिक रूप से बदनाम करने के लिए ब्लैकमेलिंग का जरिया बना रहा है। प्रताड़ना यहीं नहीं रुकती आरोप है कि उक्त लोग दिन अधिवक्ता के घर की सीढ़ियों और दरवाजे पर अश्लील और गंदी वस्तुएं फेंक जाते हैं, ताकि परिवार को मानसिक रूप से तोड़कर घर छोड़ने पर मजबूर किया जा सके।

प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2019 में पिता के देहांत के बाद घर में केवल महिलाएं ही रहती हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि इस परिस्थिति का फायदा उठाकर आरोपी उन्हें प्रतिदिन रास्ते में रोककर यह कहते हुए धमकाते हैं कि तेरा हाल दिल्ली वाले निर्भया कांड जैसा कर देंगे। कानून की छात्रा रही और वर्तमान में प्रैक्टिस कर रही महिला अधिवक्ता का कहना है कि वे लगातार मिल रही धमकियों से मानसिक रूप से टूट चुकी हैं और स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं

पीड़िता का दावा है कि उन्होंने और उनकी माता ने कई बार थाना गदरपुर में लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी वीआईपी ट्रीटमेंट और पुलिस की ढिलाई के कारण आरोपियों ने अब अधिवक्ता के घर पर धावा बोलना शुरू कर दिया है। हार मानकर अब पीड़िता ने एसएसपी रुद्रपुर के साथ-साथ जिलाधिकारी, आईजी कुमाऊं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और राज्य महिला आयोग को भी प्रतिलिपि भेजकर सुरक्षा की मांग की है।

पीड़ित अधिवक्ता ने मांग की है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना यह होगा कि क्या ऊधम सिंह नगर पुलिस एक महिला अधिवक्ता को सुरक्षा दे पाती है या अपराधियों का खौफ यूं ही बना रहेगा।।

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