14 जनवरी को माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और बुधवार का दिन है। एकादशी तिथि बुधवार शाम 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। इसके अलावा 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का व्रत किया जाएगा। बुधवार देर रात 3 बजकर 4 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
14 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्तमाघ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि- 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 53 मिनट तक
अनुराधा नक्षत्र- 14 जनवरी को देर रात 3 बजकर 4 मिनट तक
14 जनवरी 2026 व्रत-त्यौहार- षटतिला एकादशी व्रत, मकर संक्रांति
राहुकाल का समय
दिल्ली- दोपहर 12:30 से दोपहर 01:49 तक
मुंबई- दोपहर 12:47 से दोपहर 02:11 तक
चंडीगढ़- दोपहर 12:32 से दोपहर 01:49 तक
लखनऊ- दोपहर 12:16 से दोपहर 01:35 तक
भोपाल- दोपहर 12:29 से दोपहर 01:50 तक
कोलकाता- दोपहर पहले 11:46 से दोपहर 01:07 तक
अहमदाबाद- दोपहर 12:48 से दोपहर 02:09 तक
चेन्नई- दोपहर 12:18 से दोपहर 01:44 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
मुंबई- दोपहर 12:47 से दोपहर 02:11 तक
चंडीगढ़- दोपहर 12:32 से दोपहर 01:49 तक
लखनऊ- दोपहर 12:16 से दोपहर 01:35 तक
भोपाल- दोपहर 12:29 से दोपहर 01:50 तक
कोलकाता- दोपहर पहले 11:46 से दोपहर 01:07 तक
अहमदाबाद- दोपहर 12:48 से दोपहर 02:09 तक
चेन्नई- दोपहर 12:18 से दोपहर 01:44 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय- सुबह 7:14 am
सूर्यास्त- शाम 5:45 pm
मकर संक्रांति 2026
14 जनवरी को दोपहर बाद 3 बजकर 6 मिनट पर सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। इसके बाद सूर्य 13 फरवरी की भोर 4 बजकर 8 मिनट तक मकर राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। लिहाजा बुधवार को मकर संक्रांति है। मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है।
सूर्यास्त- शाम 5:45 pm
मकर संक्रांति 2026
14 जनवरी को दोपहर बाद 3 बजकर 6 मिनट पर सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। इसके बाद सूर्य 13 फरवरी की भोर 4 बजकर 8 मिनट तक मकर राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। लिहाजा बुधवार को मकर संक्रांति है। मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है।
