रामनगर /बाराबंकी । तहसील रामनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुर कस्बा में शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिवस पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक चली कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म और भक्ति का अनुपम संगम देखा।
कथा व्यास अनंत केशव राघव चरण अनुरागी पंडित अश्वनी त्रिपाठी जी महाराज, सुपुत्र स्वर्गीय कृष्ण नारायण त्रिपाठी द्वारा अत्यंत भावपूर्ण एवं ओजस्वी शैली में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया गया। लोधेश्वर महादेव की पावन धरती से पधारे पंडित जी के श्रीमुख से निकली वाणी ने गणेशपुर की भूमि को धर्म, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
यजमान श्री सुरेश कुमार शुक्ला एवं श्रीमती लक्ष्मी शुक्ला सहित समस्त शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर तालियों की गड़गड़ाहट और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से पंडाल को गुंजायमान करते रहे। वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं श्रीकृष्ण की लीलाएं सजीव हो उठी हों।राजा परीक्षित की कथा से मिला मोक्ष का संदेशकथा के दूसरे दिवस राजा परीक्षित की कथा का मार्मिक वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा कर परीक्षित की जीवन रक्षा की और उन्हें महान भक्त के रूप में स्थापित किया। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और अनेक की आंखें श्रद्धा के भाव से नम हो गईं।पंडित अश्वनी त्रिपाठी जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मात्र से ही समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, जैसा कि राजा परीक्षित को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी रामकुमार शुक्ला, विष्णु कुमार शुक्ला, अवधेश कुमार शुक्ला, चिंतामणि त्रिपाठी, चंद्रोदय अवस्थी, शिक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी, पत्रकार आनंद शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने भाग लेकर श्रीमद् भागवत कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
