पीलीभीत। विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी एवं सरस्वती प्रकाट्योत्सव के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर,सहकारी में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर को पीले पुष्पों, पताकाओं एवं आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण बन गया।कार्यक्रम का शुभारंभ शिशु वाटिका की नन्ही बालिकाओं द्वारा विधिविधान से निकाली गई कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा में छात्र-छात्राएं अनुशासित पंक्ति में चलते हुए मां सरस्वती के जयकारे लगाते रहे। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सुंदरकांड पाठ, कीर्तन एवं हवन-आरती का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार सहित उपस्थित अभिभावकों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना, देशभक्ति गीत, नृत्य एवं लघु नाटिका की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों की खूब सराहना बटोरी और पूरे समारोह में उत्साह का संचार किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, संस्कार, सृजनशीलता एवं सदाचार का प्रतीक पर्व है। यह दिन विद्यार्थियों को विद्या, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बच्चों से नियमित अध्ययन, अच्छे आचरण तथा संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। समारोह में विद्यालय के आचार्य-आचार्याएं, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और शैक्षिक मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बना, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
