बाराबंकी । जिले में आमजन को बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों और चिकित्सकों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
डीएम ने बाहर की दवाएं लिखने की प्रवृत्ति पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी चिकित्सक द्वारा मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र पूरी तरह सक्रिय रहें, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सस्ती व आसानी से उपलब्ध दवाएं मिल सकें।
टीकाकरण को लेकर जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जनपद में कहीं भी “जीरो सेशन” की स्थिति नहीं होनी चाहिए। रूटीन इम्यूनाइजेशन 90 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने के निर्देश देते हुए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि बच्चों और माताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ही प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की नियमित उपस्थिति, आवश्यक जांच सुविधाएं और टेली-कंसल्टेशन को अनिवार्य करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य रैंकिंग सुधार केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन से जुड़ा विषय है। जिले की सेहत मजबूत करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आमजन को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके। बैठक में जिला स्वास्थ्य व जिलास्तरीय अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
