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पीलीभीतः पंजाबी रंगों में सराबोर हुआ ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल, लोहड़ी उत्सव से गूंजा परिसर! पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य व लोकगीतों के साथ मनाया गया पर्व, छात्रों ने जाना लोहड़ी का सांस्कृतिक महत्व


पीलीभीत। ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल की दोनों शाखाओं सुरभि कॉलोनी एवं टनकपुर रोड स्थित  मंगलवार, लोहड़ी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। उत्सव के अवसर पर विद्यालय परिसर पंजाबी संस्कृति की छटा से सराबोर नजर आया। छात्र-छात्राएँ पारंपरिक पंजाबी वेशभूषा में सजे-धजे विद्यालय पहुँचे, जिससे वातावरण अत्यंत मनोहारी और उल्लासपूर्ण हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक  देवेंद्र सिंह छाबड़ा एवं प्रधानाचार्या  पूजा छाबड़ा द्वारा विधिवत लोहड़ी पूजन एवं अग्नि प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। लोहड़ी की पावन अग्नि में मूंगफली, गुड़, तिल, रेवड़ी, गजक आदि अर्पित किए गए। इसके उपरांत उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रसाद वितरित किया गया। लोहड़ी के चारों ओर पारंपरिक नृत्य करते हुए सभी ने लोकगीतों का आनंद लिया।

कार्यक्रम को और अधिक रंगारंग बनाते हुए विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक पंजाबी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गूंज उठा। कक्षा 7 के छात्र रंजोत सिंह ने लोहड़ी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक पक्षों को सरल और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या  पूजा छाबड़ा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि लोहड़ी का पर्व हमें बुराइयों को त्यागकर अच्छाई, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि यह पर्व बहनों और बेटियों की रक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक भी है।विद्यालय के प्रबंधक  देवेंद्र सिंह छाबड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि लोहड़ी का पर्व अग्नि देव और सूर्य देव को समर्पित है। यह त्योहार विशेष रूप से किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन सूर्य देव को नई फसल के लिए धन्यवाद दिया जाता है तथा सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। उन्होंने सभी को लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।कार्यक्रम का समापन सामूहिक लोहड़ी नृत्य एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर उल्लास, उमंग और सांस्कृतिक सौहार्द से ओत-प्रोत रहा, जिससे बच्चों के साथ-साथ शिक्षकगण भी उत्साह से भर उठे।

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