संग्रामपुर: अधूरे आरआरआर सेंटर योजना की शुचिता पर प्रश्नचिह्न! भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कचरा प्रबंधन
January 30, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। संग्रामपुर विकासखंड के गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए लाखों रुपये बहाए जा रहे हैं,लेकिन हकीकत इन दावों से कोसों दूर है।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बनने वाले रिकवरी-रिडक्शन-रियूज (आरआरआर) सेंटर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ चुके हैं।कहीं केवल नींव खुदी है,तो कहीं आधा-अधूरा ढांचा खड़ा कर सरकारी बजट को ठिकाने लगा दिया गया है। विकासखंड की ग्राम पंचायत मिश्रौली,बड़गांव, सरैया गंगापुर, जरौटा,बनवीरपुर और धोएं में स्थिति बदतर है।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ पंचायतों में तो कागजों पर इन सेंटरों को पूर्ण दिखाकर भुगतान तक निकाल लिया गया है,जबकि मौके पर काम सालों से लंबित है। स्थानीय निवासी राजेश,केदार नाथ और हीरालाल का कहना है कि सेंटर अधूरे होने से कचरा गलियों,खेतों और खाली प्लॉटों में सड़ रहा है।मार्गों पर कीचड़ और गंदगी का अंबार है। जब इस विषय में ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा जाता है,तो वे उत्तरदायित्व का ठीकरा प्रशासनिक अधिकारियों पर फोड़कर कर्तव्य इतिश्री कर लेते हैं।संवाद के दौरान कुछ प्रधानों ने निर्माण की मंशा तो प्रकट की,किंतु कार्य के अपूर्ण होने का कोई विधिक कारण स्पष्ट नहीं कर सके। सरकारी धन का कथित दुरुपयोग और स्वच्छता मानकों की अनदेखी न केवल शासकीय आदेशों का उल्लंघन है,अपितु जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ किया जा रहा क्रूर परिहास भी है।
