छिबरामऊ/कन्नौज। पूर्व अध्यक्ष राजीव दुबे के गेस्ट हाउस चंद्रकांता पैलेस में श्री कृपाल जी महाराज वृंदावन प्रेम मंदिर की प्रचार का डॉक्टर हरीऋरी देवी जी ने अपने प्रवचन में बताया कि जब तक मानव को ईश्वर की प्राप्त नहीं हो जाती तब तक संतुष्टि नहीं आती
जगतगुरु श्री कृपाल जी महाराज की प्राचार्य का सुश्री डॉ हरी ईश्वरी देवी जी ने अपने प्रवचन में बताया कि संसार में जब तक किसी को भगवान की प्राप्ति नहीं हो जाती दिव्य आनंद नहीं मिलता उसके पहले कोई किसी के सुख के लिए कुछ भी नहीं कर सकता सब अपने सुख के लिए ही सब कार्य कर रहे हैं आगे उन्होंने बताया कि संसार में कहीं सुख नहीं है और दुख भी नहीं है हम जिस बस से वस्तु से जितनी मात्रा में सुख मान लेते हैं बराबर सुख का चिंतन करने से उस में हमारी आसक्ति हो जाती है और हमें उसे वास्तु या व्यक्ति में उतनी मात्रा में अपना माना हुआ सुख मिलने लगता है बस होता है उसे वस्तु में सुख नहीं है और जब वह वस्तु छीन जाती है तो उसके अभाव में भी दुख मिलने लगता है यदि हम किसी वस्तु से सुख ना माने तो उसके वियोग में भी हमें दुख की अनुरोध नहीं होगी इस प्रकार हमारा मन संसार के राज दोस्त से रहित हो जाएगा विरक्त हो जाएगा खाली हो जाए ऐसा खाली मन ईश्वरी शरणागति का अधिकारी बनता है ।
