बाराबंकी । निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी और दबंगई की हद पार हो गई है। सफेदाबाद स्थित मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्टल के घटिया भोजन और बदहाल सफाई व्यवस्था की शिकायत करना एक इंटर्न डॉक्टर को भारी पड़ गया। आरोप है कि कॉलेज के चीफ वार्डन ने अपने साथियों के साथ मिलकर इंटर्न डॉक्टर को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिकायत सुनते ही चीफ वार्डन आपा खो बैठा और इंटर्न डॉक्टर को कॉलेज परिसर में घसीटते हुए पीटा गया। हमले में डॉक्टर के सिर पर रॉड लगने से गहरा घाव हुआ, जबकि पीठ और कंधे पर भी गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने पहुंचे छात्रों को भी गालियां दी गईं और अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इस पूरी घटना और मारपीट का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है ( लेकिन विधान केसरी.) वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। मारपीट के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों डठठै छात्र भड़क उठे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक कैंपस में अफरा-तफरी और नारेबाजी का माहौल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस छात्रों को समझाती रही, लेकिन आरोपी वार्डन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई न होने से आक्रोश बढ़ता गया।बढ़ते दबाव में कॉलेज डायरेक्टर मधुरिका सिंह को सामने आना पड़ा। उन्होंने आरोपी चीफ वार्डन रोहित सिंह को तत्काल हटाने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।पुलिस ने घायल इंटर्न डॉक्टर को इलाज के लिए भेजा है और मामले में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। यह घटना निजी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
