मसौली/बाराबंकी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिसों की सुनवाई के लिए नामित खण्ड विकास अधिकारी मसौली सन्दीप श्रीवास्तव की देखरेख में शुरू हुई प्रक्रिया के पहले ही दिन अव्यवस्थाएं सामने आ गईं। शनिवार सुबह से ही खण्ड विकास कार्यालय पर महिला और पुरुष मतदाताओं की भारी भीड़ जुट गई, लेकिन न बैठने की व्यवस्था की गई थी और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम दिखाई दिया।महिलाओं को बच्चों के साथ कई-कई घंटे खड़े रहना पड़ा, जबकि पुरुषों की स्थिति भी अलग नहीं रही। कार्यालय के भीतर सीमित लोगों को ही बुलाया जा रहा था, शेष सभी लोग दरवाजे के बाहर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
पीड़ितों का कहना है कि वे सुबह से पहुंचे, लेकिन दोपहर तक भी उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। भूख-प्यास से परेशान होकर कई लोग बिना सुनवाई के ही घर लौटने को मजबूर हो गए। सैकड़ों मतदाताओं को हो रही इस परेशानी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी व्यवस्थाएं सुधारने में गंभीर नजर नहीं आए, जिससे एसआईआर कार्यक्रम सवालों के घेरे में आ गया।
