सिरौलीगौसपुर /बाराबंकी। यूं तो मकरसंक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन आम बात है लेकिन इससे इतर बेजुबानों को भोजन कराकर मानवीय संवेदना की मिशाल पेश किया है
बदोसरांय कस्बे की प्रमुख समाजसेवी ज्योति गुप्ता ने । उन्होंने मानवता और करुणा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए इस हर साल की तरह इस साल भी बंदर भोज का आयोजन किया। विगत कई वर्षों से लगातार चली आ रही इस परंपरा को लोगों ने खूब सराहा। बुधवार को उन्होंने मातन मंदिर सहित कस्बे के विभिन्न स्थानों पर एकत्रित बंदरों को स्नेह का सहारा दिया भोजन कराया तो बेजुबान उसके आस पास आकर पहुंच गये ।यह सेवा कार्यक्रम बदोसरांय मातन मंदिर, विदुर आश्रम, बदोसरांय टिकुरी और पुरनिया मरकामऊ सहित कई क्षेत्रों में आयोजित हुआ। इस दौरान बंदरों को विशेष रूप से तैयार की गई खिचड़ी के साथ केले, लाई और लड्डू खिलाए गए। भोजन पाकर बेजुबान जीवों की तृप्ति ने इस पुण्य कार्य की सार्थकता को स्वयं ही दर्शा दिया।समाजसेवी ज्योति गुप्ता ने कहा कि त्योहारों पर मनुष्यों की सेवा तो सभी करते हैं, लेकिन बेजुबान प्राणियों की देखभाल पर कम ही लोग ध्यान देते हैं। इसी सोच के साथ वह हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर यह आयोजन करती हैं, ताकि समाज में करुणा, संवेदनशीलता और सेवा भाव का संदेश फैल सके।कार्यक्रम के दौरान नन्हा मौर्या, गोविंद मौर्या, बृजेश यादव, अनिल कनौजिया सहित कई सहयोगी उपस्थित रहे। अंत में ज्योति गुप्ता ने क्षेत्रवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए सभी से बेजुबान प्राणियों के प्रति दया और सेवा का भाव अपनाने की अपील की।
